भावतरंग
मनातील विविध भावभावनांचे हळुवार तरंग!! मनीच्या गूजगोष्टी....
Sunday, May 24, 2020
ज़िम्मेदारी..
आईना-ए-दिल, हो जाए जब भी धुंधला,
निखारू उसे, ज़िम्मेदारी है मेरी..
मेरे दर्द की है, दवा मेरे अंदर,
समझके, निगलना, ज़िम्मेदारी है मेरी...
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